लेख 87
राष्ट्रपति का विशेष अभिभाषण
87(1) राष्ट्रपति, [लोकसभा के लिए प्रत्येक साधारण निर्वाचन के पश्चात् प्रथम सत्र]* के आरंभ में [और प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र के आरंभ में]* एक साथ समवेत संसद के दोनों सदनों में अभिभाषण करेगा और संसद को उसके आह्वान के कारण बताएगा।
(2) प्रत्येक सदन की प्रक्रिया का विनियमन करने वाले नियमों द्वारा ऐसे अभिभाषण में निर्दिष्ट विषयों की चर्चा के लिए समय नियत करने के लिए उपबंध** किया जाएगा।
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* संविधान (पहला संशोधन) अधिनियम, 1951 की धारा 7 द्वारा '' प्रत्येक सत्र'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
** संविधान (पहला संशोधन) अधिनियम, 1951 की धारा 7 द्वारा '' और सदन के अन्य कार्य पर इस चर्चा को अग्रता देने के लिए'' शब्दों का लोप किया गया।
87(1) राष्ट्रपति, [लोकसभा के लिए प्रत्येक साधारण निर्वाचन के पश्चात् प्रथम सत्र]* के आरंभ में [और प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र के आरंभ में]* एक साथ समवेत संसद के दोनों सदनों में अभिभाषण करेगा और संसद को उसके आह्वान के कारण बताएगा।
(2) प्रत्येक सदन की प्रक्रिया का विनियमन करने वाले नियमों द्वारा ऐसे अभिभाषण में निर्दिष्ट विषयों की चर्चा के लिए समय नियत करने के लिए उपबंध** किया जाएगा।
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* संविधान (पहला संशोधन) अधिनियम, 1951 की धारा 7 द्वारा '' प्रत्येक सत्र'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
** संविधान (पहला संशोधन) अधिनियम, 1951 की धारा 7 द्वारा '' और सदन के अन्य कार्य पर इस चर्चा को अग्रता देने के लिए'' शब्दों का लोप किया गया।
संविधान पढ़ना सरल होना चाहिए।
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