लेख 222
किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय को अंतरण
222(1) राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायमूर्ति से परामर्श करने के पश्चात* किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय को अंतरण कर सकेगा।
[(2) जब कोई न्यायाधीश इस प्रकार अंतरित किया गया है या किया जाता है, तब वह उस अवधि के दौरान, जिसके दौरान वह संविधान (पंद्रहवाँ संशोधन) अधिनियम, 1963 के प्रारंभ के पश्चात दूसरे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में सेवा करता है, अपने वेतन के अतिरिक्त ऐसा प्रतिकरात्मक भत्ता, जो संसद विधि द्वारा अवधारित करे, और जब तक इस प्रकार अवधारित नहीं किया जाता है, तब तक ऐसा प्रतिकरात्मक भत्ता, जो राष्टपति आदेश द्वारा नियत करे, प्राप्त करने का हकदार होगा।]**
------------------------
* संविधान (सातवाँ संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 14 द्वारा "भारत के राज्यक्षेत्र में के" शब्दों का लोप किया गया।
** संविधान (पंद्रहवाँ संशोधन) अधिनियम, 1963 की धारा 5 द्वारा अंत:स्थापित।संविधान (सातवाँ संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 14 द्वारा मूल खंड (2) का लोप किया गया।
222(1) राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायमूर्ति से परामर्श करने के पश्चात* किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय को अंतरण कर सकेगा।
[(2) जब कोई न्यायाधीश इस प्रकार अंतरित किया गया है या किया जाता है, तब वह उस अवधि के दौरान, जिसके दौरान वह संविधान (पंद्रहवाँ संशोधन) अधिनियम, 1963 के प्रारंभ के पश्चात दूसरे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में सेवा करता है, अपने वेतन के अतिरिक्त ऐसा प्रतिकरात्मक भत्ता, जो संसद विधि द्वारा अवधारित करे, और जब तक इस प्रकार अवधारित नहीं किया जाता है, तब तक ऐसा प्रतिकरात्मक भत्ता, जो राष्टपति आदेश द्वारा नियत करे, प्राप्त करने का हकदार होगा।]**
------------------------
* संविधान (सातवाँ संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 14 द्वारा "भारत के राज्यक्षेत्र में के" शब्दों का लोप किया गया।
** संविधान (पंद्रहवाँ संशोधन) अधिनियम, 1963 की धारा 5 द्वारा अंत:स्थापित।संविधान (सातवाँ संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 14 द्वारा मूल खंड (2) का लोप किया गया।
संविधान पढ़ना सरल होना चाहिए।
लेख बुकमार्क करें, पूरे दस्तावेज़ में खोजें, और ऑफ़लाइन पढ़ें — मुफ़्त ऐप के साथ।
ऐप पाएँ