82वाँ संशोधन
भारत का संविधान (82वाँ संशोधन) अधिनियम, 2000
भारत के संविधान में एक और संशोधन किया गया।
इस संशोधन के द्वारा यह व्यवस्था की गई है कि संघ या किसी राज्य के मामलों से सम्बद्ध किसी सेवा के किन्हीं वर्गों या वर्ग अथवा पदों पर पदोन्नति देने के लिए अनुसूचित जातियों और जनजातियों के सदस्यों के पक्ष में किसी परीक्षा के अर्हता अंकों में अथवा मूल्यांकन के स्तरों में नरमी बरतने के लिए की गई किसी व्यवस्था को संविधान के अनुच्छेद 335 का कोई भी प्रावधान राज्य को नहीं रोक सकेगा।
भारत के संविधान में एक और संशोधन किया गया।
इस संशोधन के द्वारा यह व्यवस्था की गई है कि संघ या किसी राज्य के मामलों से सम्बद्ध किसी सेवा के किन्हीं वर्गों या वर्ग अथवा पदों पर पदोन्नति देने के लिए अनुसूचित जातियों और जनजातियों के सदस्यों के पक्ष में किसी परीक्षा के अर्हता अंकों में अथवा मूल्यांकन के स्तरों में नरमी बरतने के लिए की गई किसी व्यवस्था को संविधान के अनुच्छेद 335 का कोई भी प्रावधान राज्य को नहीं रोक सकेगा।
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