52वाँ संशोधन
भारत का संविधान (52वाँ संशोधन) अधिनियम, 1985
भारत के संविधान में एक और संशोधन किया गया।
इस संशोधन द्वारा यह व्यवस्था की गई है कि यदि संसद-सदस्य या विधानसभा-सदस्य दल-बदल करता है या दल द्वारा निकाल दिया जाता है, जिसने उसे चुनाव में खड़ा किया था, या कोई निर्दलीय उम्मीदवार जो चुने जाने के छह महीने के अंदर किसी राजनीतिक दल का सदस्य बन जाता है, वह सदन का सदस्य होने के अयोग्य करार दिया जाएगा।
इस अधिनियम में राजनीतिक दलों के विभाजन तथा विलय के संबंध में समुचित प्रावधान है।
भारत के संविधान में एक और संशोधन किया गया।
इस संशोधन द्वारा यह व्यवस्था की गई है कि यदि संसद-सदस्य या विधानसभा-सदस्य दल-बदल करता है या दल द्वारा निकाल दिया जाता है, जिसने उसे चुनाव में खड़ा किया था, या कोई निर्दलीय उम्मीदवार जो चुने जाने के छह महीने के अंदर किसी राजनीतिक दल का सदस्य बन जाता है, वह सदन का सदस्य होने के अयोग्य करार दिया जाएगा।
इस अधिनियम में राजनीतिक दलों के विभाजन तथा विलय के संबंध में समुचित प्रावधान है।
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