20वां संशोधन
भारत का संविधान (20वां संशोधन) अधिनियम, 1966
भारत के संविधान में एक और संशोधन किया गया।
यह संशोधन चन्द्रमोहन बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में उच्चतम न्यायालय के उस निर्णय के कारण आवश्यक हुआ, जिसमें उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश राज्य में ज़िला न्यायाधीशों की कतिपय नियुक्तियों को निरस्त घोषित कर दिया था।
एक नया अनुच्छेद 233क जोड़ा गया और राज्यपाल द्वारा की गई नियुक्तियों को निरस्त घोषित कर दिया गया।
भारत के संविधान में एक और संशोधन किया गया।
यह संशोधन चन्द्रमोहन बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में उच्चतम न्यायालय के उस निर्णय के कारण आवश्यक हुआ, जिसमें उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश राज्य में ज़िला न्यायाधीशों की कतिपय नियुक्तियों को निरस्त घोषित कर दिया था।
एक नया अनुच्छेद 233क जोड़ा गया और राज्यपाल द्वारा की गई नियुक्तियों को निरस्त घोषित कर दिया गया।
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