18वाँ संशोधन
भारत का संविधान (18वाँ संशोधन) अधिनियम, 1966
भारत के संविधान में एक और संशोधन किया गया।
इस अधिनियम द्वारा अनुच्छेद 3 का संशोधन यह स्पष्ट करने के लिए किया गया कि 'राज्य' शब्द में केंद्रशासित प्रदेश भी शामिल होगा और इस अनुच्छेद के तहत नया राज्य बनाने की शाक्ति में किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के एक भाग की किसी दूसरे राज्य या केन्द्रशासित प्रदेश से मिलाकर एक नया राज्य या केन्द्रशासित प्रदेश बनाने की शक्ति को भी शामिल किया गया।
इसका उद्देश्य पंजाब और हिमाचल प्रदेश संघ राज्य-क्षेत्रों के पुनर्गठन के लिए संसद को शक्ति प्रदान करना है।
भारत के संविधान में एक और संशोधन किया गया।
इस अधिनियम द्वारा अनुच्छेद 3 का संशोधन यह स्पष्ट करने के लिए किया गया कि 'राज्य' शब्द में केंद्रशासित प्रदेश भी शामिल होगा और इस अनुच्छेद के तहत नया राज्य बनाने की शाक्ति में किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के एक भाग की किसी दूसरे राज्य या केन्द्रशासित प्रदेश से मिलाकर एक नया राज्य या केन्द्रशासित प्रदेश बनाने की शक्ति को भी शामिल किया गया।
इसका उद्देश्य पंजाब और हिमाचल प्रदेश संघ राज्य-क्षेत्रों के पुनर्गठन के लिए संसद को शक्ति प्रदान करना है।
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