16वाँ संशोधन
भारत का संविधान (16वाँ संशोधन) अधिनियम, 1963
भारत के संविधान में एक और संशोधन किया गया।
इस अधिनियम द्वारा अनुच्छेद 19 में संशोधन किया गया, जिसमें भारत की प्रभुसत्ता और अखंडता के हित में वाक और अभिव्यक्ति स्वातंत्र्य, शांतिपूर्ण और शस्त्ररहित सम्मेलन तथा संस्था बनाने के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाया गया।
संसद और राज्य विधानमंडलों के निर्वाचन के लिए उम्मीदवारों द्वारा ली जाने वाली शपथ या अधिनियम का संशोधन करके उसमें यह शर्त भी शामिल की गई कि वे भारत की प्रभुसत्ता और अखंडता को अक्षुण रखेंगे।
इन संशोधनों का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
भारत के संविधान में एक और संशोधन किया गया।
इस अधिनियम द्वारा अनुच्छेद 19 में संशोधन किया गया, जिसमें भारत की प्रभुसत्ता और अखंडता के हित में वाक और अभिव्यक्ति स्वातंत्र्य, शांतिपूर्ण और शस्त्ररहित सम्मेलन तथा संस्था बनाने के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाया गया।
संसद और राज्य विधानमंडलों के निर्वाचन के लिए उम्मीदवारों द्वारा ली जाने वाली शपथ या अधिनियम का संशोधन करके उसमें यह शर्त भी शामिल की गई कि वे भारत की प्रभुसत्ता और अखंडता को अक्षुण रखेंगे।
इन संशोधनों का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
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