11वाँ संशोधन
भारत का संविधान (11वाँ संशोधन) अधिनियम, 1961
भारत के संविधान में एक और संशोधन किया गया।
इस संशोधन का उद्देश्य संविधान के अनुच्छेद 66 और 71 का इस दृष्टि से संशोधन करना था, जिसमें उपयुक्त निर्वाचकमंडल में किसी ख़ाली पद के आधार पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन को चुनौती न दी जा सके।
इस संशोधन को डॉ. खरे के मामले के पश्चात्त पारित किया गया था।
डॉ. खरे ने राष्ट्रपति के चुनाव को इसी आधार पर चुनौती दी थी।
भारत के संविधान में एक और संशोधन किया गया।
इस संशोधन का उद्देश्य संविधान के अनुच्छेद 66 और 71 का इस दृष्टि से संशोधन करना था, जिसमें उपयुक्त निर्वाचकमंडल में किसी ख़ाली पद के आधार पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन को चुनौती न दी जा सके।
इस संशोधन को डॉ. खरे के मामले के पश्चात्त पारित किया गया था।
डॉ. खरे ने राष्ट्रपति के चुनाव को इसी आधार पर चुनौती दी थी।
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